होली और रमजान के महीने के दूसरे जुमे की नमाज को लेकर शुक्रवार को दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर रही और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में 25,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस करीब 300 संवेदनशील इलाकों पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से कड़ी निगरानी कर रही है।
जहांगीरपुरी में बढ़ाई गई गश्त और ड्रोन निगरानी
जहांगीरपुरी में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पश्चिम) भीष्म सिंह ने कहा, “हमने गश्त तेज कर दी है और विभिन्न स्थानों पर ‘पिकेट’ स्थापित कर दिए हैं। हम घरों और इमारतों की छतों की निगरानी के लिए ड्रोन का भी उपयोग कर रहे हैं। अब तक मिली रिपोर्ट के अनुसार, कुछ भी संदेहात्मक होने की सूचना नहीं है।”
नमाज के समय की योजना और सुरक्षा इंतजाम
अमन कमेटी की बैठक में मुस्लिम समुदाय ने दोपहर 2 बजे के बाद नमाज अदा करने का वादा किया है। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) विचित्र वीर ने कहा, “हमने यह सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी है कि कोई अप्रिय घटना न हो। दिल्ली पुलिस पिछले तीन-चार दिनों से इस त्योहार की तैयारी कर रही है। हम होली और जुमे की नमाज दोनों को सुगमतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रयासरत हैं।”
गश्त और पिकेट्स बढ़ाए गए
राष्ट्रीय राजधानी के सभी 15 पुलिस जिलों में गश्त बढ़ा दी गई है, खासकर आवासीय इलाकों और होली समारोहों के लिए जाने जाने वाले स्थानों पर सुरक्षा पुख्ता की गई है। अधिकारियों ने कहा, “किसी को भी कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। टीमें कड़ी निगरानी रख रही हैं और टीमें हाई अलर्ट पर हैं।”
संभल जिले में शांतिपूर्वक मनाया गया त्योहार
दिल्ली में सुरक्षा इंतजामों के बीच, संभल जिले में भी होली और जुमे की नमाज एक ही दिन होने के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा के साथ शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, होली के अवसर पर पारंपरिक ‘चौपाई का जुलूस’ भी निकाला गया।
संभल में होली और नमाज की सुरक्षा व्यवस्था
संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया, “संभल जिले में 1,212 स्थानों पर होलिका दहन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। लोगों ने नाच-गाकर और एक-दूसरे पर गुलाल लगाकर पारंपरिक उत्साह के साथ रंगों का त्योहार मनाया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 60 से अधिक जुलूस निकाले गए।”
संभल में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू
संभल शहर में आरएएफ ने फ्लैग मार्च किया और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। संभल को ड्रोन निगरानी के लिए 29 सेक्टर में बांट दिया गया और दोनों त्योहारों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।